Story Of The Day
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एक सच्ची एवं निष्कपट- क्षमा याचना
क्षमा मांगना एक यान्त्रिक कर्म नहीं है बल्कि अपनी गलतियों को महसूस कर उस पर पश्चाताप करना है । पश्चाताप में स्वयं को भाव होता है । ताकि हम अपनी आध्यात्मिक यात्रा आगे बढ़ा सकें । भूल करना मानव की स्वाभाविक प्रवृत्ति होती है; हम सभी भूल करते हैं। परंतु उन्हें दोहराने का यह औचित्य नहीं हो सकता। हमे अपनी…
बंदिश का नाम जैन धर्म नहीं है पर दया भाव का नाम जैन धर्म है
आज आपको कोई त्याग करने के लिए बोल दिया जाता है,तो आपको वह बंधन लगने लगता है,आप पहले ही सोच लेते हो की नहीं हो पाएगा मुझसे! अरे ये त्याग बंधन नहीं है, ये नियम,पचखान आपके मन को डोरी से बाँध देते हैं,फिर आपका मन भटकता नहीं! उदाहरण: जैसे की आपको जलेबी अच्छी लगती है,उसको खाने के लिए आप कुछ…
ज्ञान
सैकड़ों साल पहले अरब मे इमाम गजाली नामक एक बङे विदान और धामिर्क गुरु हुए । युवावस्था में वे एक बार दूसरे शहर की याञा पर निकले थे । उस जमाने में यात्रा का कोई साधन नही था और डाकुओं का हमेशा भय बना रहता था । एक दिन गजाली जंगल में सुस्ताते हुए कुछ पढ रहे थे । उसी…
भेद
राजा देवशकति का एक ही पुञ था उसके पेट मे एक साप रहता था। इस कारण वह हमेशा बिमार रहता था अनेक वैधानिक की फिर भी वह स्वस्थ नही हुआ निराश होकर एक दिन घर छोड़कर चुपके से निकल गया । वह भटकता हुआ किसी दुसरे राज्य मे आ पहोचा । वह भिक्षा मंगा कर पेट भर लेता और मंदिर…
नीति कथा – परीक्षा
एक बार गुरु नानक मुलतान शहर पहुचे , पुरे शहर मे यह खबर फेल गई कि पहुचे हुए फकिर है, जो लोगो की हर तरह की पीड़ा दूर करने की कूवत रखते है । आम लोग उनहें बहुत पसंद करने लगे और उनकी ख्याति दिन दूनी रात चौगुनी बढने लगी और लोग उनके हुज़ूर में पहुचने लगे । लेकिन उनकी…
