Story Of The Day

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दुखों का बोझ

बहुत पहले की बात है। एक अत्यंत ही ज्ञानी संत घने जंगल में ऊँची पहाड़ी पर रहते थे। उन्होंने दुनिया के शोरगुल से दूर रहते हुए पर्वत को ही अपना आसरा बनाया हुआ था। वहाँ रहना उन्हें काफी सुख-शांति से भरा हुआ लगता था। संत की प्रसिद्धि दूर-दूर तक फैली हुई थी। वह महाज्ञानी थे, इसलिए पर्वत पर दूर रहने…

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पतन का कारण

_श्रीकृष्ण ने एक रात को स्वप्न में देखा कि, एक गाय अपने नवजात बछड़े को प्रेम से चाट रही है।  चाटते-चाटते वह गाय, उस बछड़े की कोमल खाल को छील देती है । उसके शरीर से रक्त निकलने लगता है । और वह बेहोश होकर, नीचे गिर जाता है। श्रीकृष्ण प्रातः यह स्वप्न,जब भगवान श्री नेमिनाथ को बताते हैं ।…

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घास और बाँस

एक व्यापारी अपने व्यापार के ठप्प हो जाने से बहुत परेशान था। परिवारजनों ने उसे  समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन व्यापारी पर कोई असर नहीं हुआ। बल्कि पूरी तरह अवसाद ग्रस्त हो गया।अब वह बात बे बात परिवाजनों पर गुस्सा करने लगा था।कभी कभी तो आत्महत्या की बातें करने लगा था। परिवारवालों ने शहर के नामी मनोचिकित्सक से उसका…

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दूसरे से अपनी तुलना मत करो

घास और बांस दोनों  के बड़े होने का समय अलग अलग है दोनों का उद्देश्य अलग अलग है। *तुम्हारा भी समय आएगा। तुम भी एक दिन बांस के पेड़ की तरह आसमान छुओगे।* मैंने हिम्मत नहीं हारी, तुम भी मत हारो ! व्यापारी की आँखों में आँसू थे।अपने मित्र की बात उसे समझ आ चुकी थी।मित्र को गले लगाया और…

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महाकवि कालिदास अपने समय के महान विद्वान थे

महाकवि कालिदास अपने समय के महान विद्वान थे। उनके कंठ में साक्षात सरस्वती का वास था। शास्त्रार्थ में उन्हें कोई पराजित नहीं कर सकता था। अपार यश, प्रतिष्ठा और सम्मान पाकर एक बार कालिदास को अपनी विद्वत्ता का घमंड हो गया। उन्हें लगा कि उन्होंने विश्व का सारा ज्ञान प्राप्त कर लिया है और अब सीखने को कुछ बाकी नहीं…

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