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सहज ऊजा के लिए रिलैक्स रहे

अमेरिका मे हर रात साठ लाख नींद की गोलियों की जरूरत पङती है, ताकि अमेरिकी लोग सो सके॥

यह आश्चर्यजनक तक्ष्य मुझे कई साल पहले एक ओषधि निर्माता ने उस उधोग के एक सम्मेलन मे बताया था ,जहाँ मे भाषण दे रहा था । हालाकी मुझे इस पर विश्वास नही हुआ , परंतु बाद मे मुझे इस विषय के विशेषज्ञो ने बताया कि दरअसल यह आंकङा वास्तविक से कम था।
दरअसल एक विश्वसनीय ने मुझे बताया कि अमेरिका के लोग एक करोड़ बीस लाख नींद की गीलियाँ रोज ले रहे है । इसका मतलब है आज हर बारहवां अमेरिकी नींद की गोलियां लेकर सो रहा है। आंकडो से पता चलता है कि नीदं की गोलियाँ लेने वाले की संख्या पिछले कुछ वषों मे १००० पृतिशत बढ चुकी है । परंतु हाल ही में दिया गया एक व्यक्ति भी हैरान करने वाला है एक बङी दवा कंपनी निर्माता के अनुसार सतक खरब गोलियाँ वर्ष भर में बिक रही है यानी कि हर रात १.९ करोड़ गोलियाँ ।

कितने दुख की बात है नींद तो प्रकृति का वरदान है ताकि हम तरोताजा हो सके अपनी थकान दूर कर सके । हम सोचते है कि, हर आदमी दिन भर काम करने के बाद अपने आप शांति से चैन की नींद सोता हैं , परंतु ऐसा लगता है कि अमेरिकी जनता बेफिक्र से सोने की कला भी भूल चुकी है। दरअसल लोग इतने तनावग्रस्त है कि एक मानव होने के नाते जिसे इस विषय मे जांच करने के अवसर है मै यह रिपोर्ट करूँगा कि अमेरिकी लोग इतने नर्वस और तनावगृहस्थ है कि अब यह लगभग असंभव है कि आप अपने प्रवचन से उन्हे सुला दे । कई साल से मैने चर्चे मे किसी को स्वस्थ देखा हो? यह एक दुखद स्थिति है।

वाशिंगटन के एक अघिकारी ने जिस आंकड़ों की माथा पच्ची से पेम है , मुझे बताया कि पिछले साल अमेरिका मे 95 खरब सिरदर्द हुए । यानि कि प्रत्यक व्यक्ति एक साल में 50 सिरदर्द । क्या आपको इस साल इतने सिरदर्द हो चुके है ? इस अधिकारी ने यह नही बताया कि वह आंकड़े पर कैसे पहुचा परंतु हमारी चर्चा के कुछ समय बाद ही मुझे एक रिपोर्ट दिखी कि पिछले साल ओषछि उधोग ने ग्यारह मिलियन पौड़ एस्पिरिन बेची । शायद इस युग को एस्पिरिन युग कहना होगा ।

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