दिन की कहानी

Archivers

इच्छा क्या होती है ?

एक छात्र को अलग-अलग विषयों पर ज्ञान हासिल करने का बड़ा शौक था। उसने प्रकाण्ड विद्वान सुकरात का नाम सुन रखा था। ज्ञान की लालसा में एक दिन वह सुकरात के पास पहुंच ही गया और सुकरता से पूछा कि वह कैसे उसकी तरह प्रकाण्ड पंडित बन सकता है। सुकरात बहुत कम बात करते थे। छात्र को यह बात बोलकर…

Read More
मरीचि, अहंकार और उत्सूत्र……

ऋषभदेव भगवान के पास भरत चक्रवर्ती के पुत्र मरीचि ने दीक्षा ग्रहण की । बाद में दुःख सहन करने में कमजोर बनने से उसने त्रिदंडीक वेश धारण किया । इस प्रकार वह चरित्र का त्याग करके देशविरती का पालन करने लगा । अल्प जल से स्नान करना, विलेपन करना, खड़ाऊँ पहनना, छत्र रखना वगैरह क्रिया करने लगा । एक बार…

Read More
रज्जा साध्वी ने सचित्त पानी पीया

रज्जा साध्वीजी को कोढ़ रोग हो गया था। एक साध्वीजी ने उससे पूछा कि यह रोग आपको कैसे हुआ? तब उसने कहा कि अचित ( उबला हुआ ) पानी पीने से गर्मी के कारण यह रोग हुआ है। इस प्रकार तीव्र भाव से असत्य बोल दिया और स्वयं की वास्तविकता छिपायी, क्योंकि वस्तुतः अशाता- वेदनीय कर्म – के उदय से…

Read More
रुक्मिणी के एक लाख भव

क्षितिप्रतिष्ठित नगर के राजा की पुत्री रुक्मिणी ने यौवन वय में कदम रखा ही था कि राजा ने उसका विवाह योग्य राजकुमार के साथ कर दिया, परन्तु विवाह होते ही उसका पति यमशरण हो गया। बालविधवा हो जाने से वह भयभीत हो गई।निराधार होने का उसे जितना दुःख नहीं था, उससे भी अनेक गुना दुःख उसे आजीवन ब्रहमचर्य पालने की…

Read More
“यह रोमैन्स में क्लिंटन की अश्लीलता नही है महान कवि कालिदास का सुसंस्कृत श्रृंगार है।”

एक 53 years के डाक्टर ने कहा की- मै अब 33 years का युवान बन जाऊँगा। तब ज़ूनीयर डाॅ. ने पूछा कैसे? कुछ दावा विगेरा का सर्च कर रहे है क्या सर? तब उन्होंने भेद बताया की मै ही नही कल तो पूरा का पूरा अमेरिका युवा ही बन जाएगा। क्योंकि कल मोगरे की सफेदी, मखन जैसी सौफ्टनस , सोन्दर्य…

Read More

Archivers