‘जल्दी, दरवाजा खोला , महाराजा से शीघ्र ही मिलना जरुरी है ।’
द्वारपाल ने दरवाजा खोल दिया । दो घुड़सवार घोड़े पर से नीचे उतर गये । घोड़े द्वारपाल को सौंप दिये । आनन फानन में दौड़ते हुए राजमहल में प्रविष्ट हुए ।
शयनखंड की परिचारिका ने खंड में प्रवेश करके राजा से कहा :
‘महाराजा , युद्धयात्रा में गये हुए दो सैनिक आये हुए हैं । और वे आपसे मंत्रनागुह में तत्काल मिलना चाहते है ।’
महाराजा मंत्रणा गृह में पहुंचे ।
दोनों सैनिकों ने खड़े होकर महाराजा का अभिवाद किया ।
महाराजा सिंहासन पर आसीन हुए । एक सैनिक ने प्रणाम कर के कहा :
‘महाराजा, बड़े दुःख भरे समाचार लेकर हम आये हैं।’
गुणसेन के चेहरे पर चिंता की रेखांए उभरने लगी ।
‘अपनी सेना दो पर्वतों के बीच के दर्रे में रात के समय निशिंचत होकर विश्राम कर रही थी , उस वक़्त उस प्रदेश के राजा मानभंग ने उसकी सेना के साथ धावा बोल दिया। अपनी सोयी हुई सेना को गाजर – मूली की तरह साफ कर दिया ।’
‘अरे । क्या बात करते हो तुम ?’ महाराजा गुणसेन कांप उठे ।
‘क्या सभी सैनिक सो रहे थे ? सुरक्षा का प्रबंध नहीं किया था क्या ?’
‘जी हाँ , अपने पराक्रम से उन्मत बने हुए सैनिक हमे कौन जीत सकता है ? यह स्थान सुरक्षित है, इसलिए सभी सो जाएं …..।’ यों मानकर सभी सो गये और रात में दुश्मन के हाथों मारे गये ।’
‘तुम दोनों कैसे बच निकले ?’
‘हम दोनों भी पर्वत के बीच के दर्रे में ही थे , पर सब से अंत में हमारी छावनी थी । जब राजा मानभंग ने हमला किया तब हम उसके सामनेवाले छोर पर थे …. हम भाग निकले…. हमारी ओर राजा के सैनिक नहीं थे ।’
‘अच्छा किया तुमने । आकर मुझे समाचार दिये ।’ मारे क्रोध के राजा की आंखों में खून उतर आया था । उसके होठ गुस्से में फड़फड़ाने लगे । जमीन पर पैर पटकते हुए उसने कहा :
‘उस दुष्ट मानभंग राजा का मैं युद्ध के मैदान पर शिरच्छेद करूंगा…. तभी मुझे शांति मिलेगी … जाओ, तुम युद्ध का बिगुल फूंक दो । युद्ध प्रयाग की घोषणा करवा दो । और सेनापति को शीघ्र ही मेरे पास भिजवाओ ।’
सेनापति ने तत्काल आकर महाराजा को प्रणाम किया । राजा ने आज्ञा की ….’युद्ध-यात्रा के लिए दुर्जय हस्तिसेना को तैयार किया जाए । अश्वसेना को भी सज्ज कर दो…..। एक हजार रथों को अश्वों के साथ जोड़कर तैयार करो । पच्चीस हजार का भूमिदल सैन्य सज्ज करो । अभी – इसी वक़्त प्रयाण करना होगा ।’
सेनापति ने चुस्ती बताते हुए आनन फानन में सेना को तैयार कर दिया ।
आगे अगली पोस्ट मे…