दिन की कहानी

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माँ बहुत झूठ बोलती है

सुबह जल्दी जगाने को, सात बजे को आठ कहती है। नहा लो, नहा लो, के घर में नारे बुलंद करती है। मेरी खराब तबियत का दोष बुरी नज़र पर मढ़ती है। छोटी छोटी परेशानियों पर बड़ा बवंडर करती है। “माँ बहुत झूठ बोलती है” थाल भर खिलाकर, तेरी भूख मर गयी कहती है। जो मैं न रहूँ घर पे तो,…

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मन और आत्मा का संवाद

जिसमें जेवर ही नहीं, ऐसा मखमल का बॉक्स कितना ही अच्छा दिखाई दे पर उसकी कीमत कितनी ? जिस में जीव नहीं, ऐसा मृतदेह चाहे कितना ही सूंदर हो कौन उसे अपने पास रखता है? जिन दानो को कीड़े खा चुके हो, उनके बाकी बचे हुए छिलकों की कीमत कितनी? हमारा यह संसार भी कुछ ऐसा ही है, मखमल के…

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सहज ऊजा के लिए रिलैक्स रहे

अमेरिका मे हर रात साठ लाख नींद की गोलियों की जरूरत पङती है, ताकि अमेरिकी लोग सो सके॥ यह आश्चर्यजनक तक्ष्य मुझे कई साल पहले एक ओषधि निर्माता ने उस उधोग के एक सम्मेलन मे बताया था ,जहाँ मे भाषण दे रहा था । हालाकी मुझे इस पर विश्वास नही हुआ , परंतु बाद मे मुझे इस विषय के विशेषज्ञो…

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देलवाड़ा मंदिर: शिल्प-सौंदर्य का बेजोड़ खजाना

देलवाड़ा मंदिर : शिल्प-सौंदर्य का बेजोड़ खजाना समुद्र तल से लगभग साढ़े पांच हजार फुट ऊंचाई पर स्थित राजस्थान की मरूधरा के एक मात्र हिल स्टेशन माउंट आबू पर जाने वाले पर्यटकों, विशेषकर स्थापत्य शिल्पकला में रुचि रखने वाले सैलानियों के लिए इस पर्वतीय पर्यटन स्थल पर सर्वाधिक आकर्षण का केंद्र वहां मौजूद देलवाड़ा के प्राचीन जैन मंदिर है। 11वीं…

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इंसान होने का फर्ज निभाओ

पटाखों का त्याग, कर्म बंध से बचाव…! क्या कभी आपने सोचा हैं? ◆पटाखों से हमे आथिँक नुकसान के साथ-साथ शारीरिक हानि भी पहुचती है। ◆ पटाखों की धमक से गर्भवती को अनंत दुःख होता हैं। ◆ पटाखों की धमक से बेजुबान पशु-पक्षी पीडित भयभीत होते हैं। ◆ पटाखो की धमक से छोटे-छोटे जीव- जन्तु मौत के घाट उतर जाते हैं।…

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एक सच्ची एवं निष्कपट- क्षमा याचना

क्षमा मांगना एक यान्त्रिक कर्म नहीं है बल्कि अपनी गलतियों को महसूस कर उस पर पश्चाताप करना है । पश्चाताप में स्वयं को भाव होता है । ताकि हम अपनी आध्यात्मिक यात्रा आगे बढ़ा सकें । भूल करना मानव की स्वाभाविक प्रवृत्ति होती है; हम सभी भूल करते हैं। परंतु उन्हें दोहराने का यह औचित्य नहीं हो सकता। हमे अपनी…

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बंदिश का नाम जैन धर्म नहीं है पर दया भाव का नाम जैन धर्म है

आज आपको कोई त्याग करने के लिए बोल दिया जाता है,तो आपको वह बंधन लगने लगता है,आप पहले ही सोच लेते हो की नहीं हो पाएगा मुझसे! अरे ये त्याग बंधन नहीं है, ये नियम,पचखान आपके मन को डोरी से बाँध देते हैं,फिर आपका मन भटकता नहीं! उदाहरण: जैसे की आपको जलेबी अच्छी लगती है,उसको खाने के लिए आप कुछ…

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ज्ञान

सैकड़ों साल पहले अरब मे इमाम गजाली नामक एक बङे विदान और धामिर्क गुरु हुए । युवावस्था में वे एक बार दूसरे शहर की याञा पर निकले थे । उस जमाने में यात्रा का कोई साधन नही था और डाकुओं का हमेशा भय बना रहता था । एक दिन गजाली जंगल में सुस्ताते हुए कुछ पढ रहे थे । उसी…

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भेद

राजा देवशकति का एक ही पुञ था उसके पेट मे एक साप रहता था। इस कारण वह हमेशा बिमार रहता था अनेक वैधानिक की फिर भी वह स्वस्थ नही हुआ निराश होकर एक दिन घर छोड़कर चुपके से निकल गया । वह भटकता हुआ किसी दुसरे राज्य मे आ पहोचा । वह भिक्षा मंगा कर पेट भर लेता और मंदिर…

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नीति कथा – परीक्षा

एक बार गुरु नानक मुलतान शहर पहुचे , पुरे शहर मे यह खबर फेल गई कि पहुचे हुए फकिर है, जो लोगो की हर तरह की पीड़ा दूर करने की कूवत रखते है । आम लोग उनहें बहुत पसंद करने लगे और उनकी ख्याति दिन दूनी रात चौगुनी बढने लगी और लोग उनके हुज़ूर में पहुचने लगे । लेकिन उनकी…

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