विचारों को अपने जीवन में परिवर्तन करना

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दलीलबाजी से बचने में ही लाभ है

एकबार पवन और सूर्य के बीच बात हो रही थी तब धरती पर से एक बूढ़ा काला कोट पहनकर जा रहा था। उसे देखकर पवन ने सूर्य से कहा: मुझ में इतनी ज्यादा ताकत ही की इस बूढे के कोट को मै उडा दूँ। सूर्य ने मात्र मुस्कान बिखेरी। न तो उसके सामने कोई तर्क ही किया और न कोई…

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नारी के दो आभूषण शील एवं साम्य्क्त्व

पुत्री को विदा करते समय समकिती माता पिता उसे हीत शिक्षा देते है की बेटा! तू शील और समयक्तव का शुद्धता से पालन करना। इनके साथ कभी भी समजोता मत करना… जैन कुल के जन्मी नारी के दो ही आभूषण होते है।एक शील तो दूसरा समयक्तव। इन दोनो आभूषणो से सदैव उसका जीवन शोभित होना चाहिए। इन दोनो आभूषणो से…

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एक आदमी तथा नारदमुनि

एक आदमी ने नारदमुनि से पूछा मेरे भाग्य में कितना धन है… : नारदमुनि ने कहा – भगवान विष्णु से पूछकर कल बताऊंगा… : नारदमुनि ने कहा- 1 रुपया रोज तुम्हारे भाग्य में है… : आदमी बहुत खुश रहने लगा… उसकी जरूरते 1 रूपये में पूरी हो जाती थी… : एक दिन उसके मित्र ने कहा में तुम्हारे सादगी जीवन…

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भेरुशा की कैसी करुणा

भारत पर आक्रमण कर विजयी हुए हुमायू नौहज़ार भारतीयो को कैद कर लिया। उसने अपने निजी लोगो से कहा कि *इन सारे कैदियो को विदेश ले जाओ पर रास्ते में उनको इतना आतंकित कर देना ,इतना तंग करना की वे मेरे वतन तक पहुँचते पहुँचते मर जाये।* बादशाह की बात का अमल शुरू हुआ। रास्ते में भेरूशा नामक एक जैन…

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बच्चा कन्फ्यूज है

प्रेरक प्रसंग 🔰 * *जैन साहब** बच्चा जैन पाठशाला जाता है नियमित संस्कारो से ओत प्रोत हो गया है पाठशाला में सिखाया गया आलू प्याज कन्द मूल नही खाने रात्री भोजन नही करना बच्चा उसको अपना भी लेता है लेकिन समस्या माँ बाप को हो जाती है वीकेंड पर बाहर खाना खाने गए खाने का ऑर्डर किया थाली में आलू…

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ऐसी लघुता प्राप्त करो

किसी भी पत्र का तुरंत उत्तर देने की आदतवाले विनोबा ने एक दिन पत्र पढ़ते ही नाराज़ होकर उस पत्र को फाड़ दिया। पास बैठे हुए कमलनयन बजाज ने उ पत्र के टुकड़ों को जोड़कर पढ़ा। उन्हें पता चला की वह पत्र तो गांधीजी का लिखा हुआ था । बजाज ने विनोबा से पूछा: *बापू का पत्र! दुनिया के किसी…

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प्रेम से जीतो

एक चोर था। एक बार वह किसी सन्यासी की कुटिया में चोरी करने के लिए गया। रात के बारह बज रहे थे। सन्यासी अभी जग रहे थे। प्रभु-नाम स्मरण कर रहे थे। चोर ने यहाँ-वहाँ टटोला पर कुछ हाथ नही लगने पर बाहर निकलने लगा। तब सन्यासी ने उसे रोककर कहा: भाई! फ़िक्र मत करो। कुछ तो तुम्हे मिलेगा ही।…

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आबरू तो बचानी ही है

बनारस यूनिवर्सिटी के निर्माण के लिए पंडित मदनमोहन को विपुल धनराशि की आवश्यकता थी। इसे प्राप्त करने के लिए वे स्वयं घुमते रहते थे। भीख मांगते थे, ऐसा करने में उन्हें किसी प्रकार की शर्म या संकोच नही था। वे कहते थे की *यह कोई मेरे अपने लिए है कि मुझे भीख मांगने में शर्म का अनुभव हो।* एकबार वे…

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बोध की रात

गांधीजी के जीवन में एक अनोखी घटना घटी। काठियावाड़ (सौराष्ट्र -गुजरात का एक हिस्सा) का कोई एक गाँव था। किसी सभा को संबोधित करने के लिए उन्हें उस गाँव में जाना हुआ। जिनके घर उन्हें रुकना था, उस घर में जब उन्होंने प्रवेश किया तब उनके आंगन में निरा विचित्र कहा जा सके ऐसा बंदनवार बांधा हुआ था। वह था…

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रावण की प्रतिज्ञा

राजा इंद्र से हुए महायुद्ध में विजेता होकर राजा रावण लंका वासप लौट रहे थे कि रास्ते में *अंतन्तवीर्य* नामक वीतराग केवली भगवान के उन्हें दर्शन हुए। स्वयं को धन्य मानते हुते रावण उनके पास गए। वंदनादि करके केवली भगवान की धर्मदेशना का श्रवण किया। देशना पूर्ण होने के बाद रावण ने उनसे एक प्रश्न पूछा: *हे भगवंत!* आप जैसो…

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