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स्टोरी ऑफ एडिशन | Voice Of Jains

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स्टोरी ऑफ एडिशन

बरसों पुरानी बात है उसका नाम है, एडिशन। वह विज्ञान के क्षेत्र में कुछ नई खोज करने के लिए विचार कर रहा था एक बार उसको स्टोरेज बैटरी बनाने की धुन चढ़ी, अब उस समय किसी ने नाम भी नहीं सुना था यदि किसी को बात करें कि इस प्रकार की चीज बनानी है तो लोग उस पर हंसने लगते थे।

लेकिन वह मरूकमता से प्रयोग करता रहा उसकी दिशा फिक्स थी और मंजिल भी फिक्स थी उसे सिर्फ थकान बिना आगे पुरुषार्थ करके आगे दोड़ना ही था वह प्रयोगों को करता तब लक्ष्य सिद्ध होंगे या नहीं वह भी उसे पता नहीं था वह एक के बाद एक अनेक 50000 से भी ज्यादा प्रयोग किए थे फिर भी वह निष्फल गए थे फिर भी उसने प्रयोग करना और मेहनत करना बंद नहीं की उसने बिना थकान के बिना हारे प्रगति करने के लिए एक रास्ते और एक ही धुन से आगे बढ़ता गया, और एक दिन वह सफल हो ही गया उसने स्टोरेज बैटरी के फार्मूले को खोज निकाला और उसने पूरे विश्व को नई चीज की भेंट दी और उसने उसका नाम महान करके दिखाया और उसने प्रगति के शिखर पर चढ़कर ही रुका।

जीवन के अंत समय में वह सभी को एक ही सलाह देता रहा की प्रगति का पन्थ तो बहुत ही लंबा है छोटे और आसानी वाले रास्ते प्रगति प्राप्त करने की इच्छा करने वाले लोगों को प्रगति की आशा छोड़ ही देनी चाहिए इसमें सख्त मेहनत और सतत इंतजार जरूरी है। और एक बात तय है, कि यदि इंसान पुरुषार्थ से मेहनत करता है तो एक लक्ष्य को ध्यान में रखकर सच्ची दिशा में चला करता है तो उसे प्रगति की मंजिल अवश्य मिलती है। और प्रगति इंसान की राह और लक्ष्य पर आधारित है।

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