Ideas To Change Your Life

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परस्त्री का त्याग और स्व-स्त्री में संतोषवृत्ति

विषय सुख की वासना अच्छे-अच्छे आदमियों को भी हैवान एवं पाप से डरने वालों को भी पापासक्त बना सकती है। साधु पुरुषों के लिए तो काम-भावना के उद्देश्य से इन्द्रियों का यत्किंचित विचार भी धिक्कार और दोष रूप होता है। उन्हें तो मन, वचन, काया से सर्व प्रकार के सम्भोगों का त्याग ही करना होता है। गृहस्थों में जो सर्वथा…

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संगम (श्री शालीभद्र का पूर्व जन्म)

शालीग्राम में एक गरीब विधवा रहती थी। उनका नाम *धन्या* था। वो अपने संगम नामक पुत्र के साथ रहती थी। संगम नगरजनो के पशुओं को चरवाता था। किसी पूर्वोत्सव में सब घरो में बनती हुई खीर देखकर संगम ने अपनी माँ से कहा – ” *माँ! मेरे लिए तू खीर क्यों नही बनाती?* माता सोच में आ गयी की ”…

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प्रभु की प्राप्ति किसे होती है..?

एक सुन्दर कहानी है :– एक राजा था। वह बहुत न्याय प्रिय तथा प्रजा वत्सल एवं धार्मिक स्वभाव का था। वह नित्य अपने इष्ट देव की बडी श्रद्धा से पूजा-पाठ और याद करता था। एक दिन इष्ट देव ने प्रसन्न होकर उसे दर्शन दिये तथा कहा — “राजन् मैं तुमसे बहुत प्रसन्न हैं। बोलो तुम्हारी कोई इछा हॆ?” प्रजा को…

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कर्ज का भय

बात पहले की है । एक बार हरिलाल नामक एक किसान आया और मुझसे पूछने लगा-‘तुम सागरमलजी के लड़के हो क्या?’ मेरे ‘हाँ’ कहने पर वह सौ रुपये निकल कर देंने लगा और बोला-‘बहुत दिन हुए मै तुम्हारे पिताजी से एक सौ उधार ले गया था।उस समय तुम बहुत छोटे थे । अबतक मैं वे रुपये नही लौटा सका।अब मेरे…

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लेंन- देंन

यह घटना लगभग चालीस वर्ष पूर्व मोतिहारी, पूर्वी चम्पारण (बिहार)-की है। एक गरीब मास्टर थे। बहुत तंजीमें उनका जीवन बीत रहा था। स्कूल की थोड़ी-सी तनख्वाह । चार बच्चों के साथ उनका गुजर-बसर बहुत मुश्किलसे हो पा रहा था। एक दिन उसका बड़ा बेटा बीमार हो गया। मास्टर साहब उसे अस्पताल ले गये, दवा दिलवायी । स्थिति ठीक हुई तो…

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एक सत्य घटना

मैं एक बैंक में सशस्त्र सुरक्षा गार्डके रूपमें पदस्थ हूँ।दिनाक13 अप्रेल 2014 ई. को एक अनोखी घटना बैंकमें घटी । हुआ यूं कि भोजन-आवकाशके बाद एक ग्राहक बैंक आया और उसने आपने खतेसे तीन हजार रुपये आहरित किये। उसे कैशियर ने पाँच-पाँच सौ के छः नोट इश्यू किये। वह ग्राहक एक स्टेशनरी की दुकांनेपर कार्य करता था और सुबह –…

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मानवता

बात लगभग साठ वर्ष पहलेकी है ,मेरे पडोसीका लड़का बीमार पड़ गया। आर्थिक स्थिति अच्छी न होनेके कारण इलाजकी व्यवस्था ठीक न हो सकी और इससे उसकी बीमारी बढ़ती ही गयी । पता लगनेपर मै एक अच्छे डाक्टरको लेकर उनके घर गया।डॉक्टरने देख-भालकर एक इंजेक्शन लिख दिया औऱ कहा कि यह ‘इंजेक्शन तुरंत दे दिया जाय तो रोगिका बच जाना…

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-माँ-बाप हमारे लिये* *ATM कार्ड बन सकते है,* *तो ,हम उनके लिए* *Aadhar Card तो बन ही सकते है।*

जब एक शख्स लगभग पैंतालीस वर्ष के थे तब उनकी पत्नी का स्वर्गवास हो गया था। लोगों ने दूसरी शादी की सलाह दी परन्तु उन्होंने यह कहकर मना कर दिया कि पुत्र के रूप में पत्नी की दी हुई भेंट मेरे पास हैं, इसी के साथ पूरी जिन्दगी अच्छे से कट जाएगी। पुत्र जब वयस्क हुआ तो पूरा कारोबार पुत्र…

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क्या आप , मै, हम सब पापी है?

अगर किसी को बोला जाए कि तू पापी हैं, तो वो गुस्से मैं आकर या तो झापड़ मार देगा या गाली बक देगा । लेकिन ये यथार्थ और कटु सत्य है कि इस धरा पर जन्म लेने वाला हर मनुष्य किसी न किसी रूप मैं पापी जरूर होता हैं । पहले हम समझे कि हम पाप की परिभाषा क्या है?…

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_अहंकार के साथ जो जीता है वह मौत के साथ जीता है_

मेरे प्रिय आत्मन्! एक छोटी सी घटना से मैं आज की चर्चा शुरू करना चाहूंगा। एक काल्पनिक घटना ही मालूम होती है, एक सपने जैसी झूठी, एक किसी कवि ने सपना देखा हो ऐसा ही। लेकिन जिंदगी भी बहुत सपना है और जिंदगी भी बहुत कल्पना है और जिंदगी भी बहुत झूठ है। एक बहुत बड़ा मूर्तिकार था। उसकी मूर्तियों…

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