Ideas To Change Your Life

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जीवन की सफलता और सार्थकता के लिए उत्साह अति आवश्यक है

जीवन की सफलता और सार्थकता के लिए उत्साह अति आवश्यक है। कोई भी कार्य करने से पहले मन में उत्साह होना चाहिए, तो उसका परिणाम भी सुंदर ही आता है। उत्साह अपने जीवन को मधुरता से भर देता है। उत्साह प्रगति का मार्ग है। उत्साह एक संत भी है, उत्साह विश्वास भी है, उत्साह आत्मविश्वास है, और उत्साह जीवन का…

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मुस्किल, आफत और जरूरत

मुस्किल, आफत और जरूरत के समय में सब मुंह फेर लेते हैं, पर तब कोई नि:स्वार्थ भाव से मदद करें उसे उपकार कहते हैं। उपकार ही मानव का धर्म है। जो बिना स्वार्थ से दूसरों की मदद करते हैं, वह उपकार है। जिसने-जिसने अपने उपर उपकार करा हो उसे भगवान समझना चाहिए। एक बार की घटना है। डॉक्टर जनक भाई…

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बाहुबली

भरत चक्रवर्ती के छोटे भाई। भगवान ऋषभदेव ने उनको तक्षशिला का राज्य दिया था। उनका बाहुबल और साधारण था, इस कारण चक्रवर्ती की आज्ञा नहीं मानते थे। इससे भरत चक्रवर्ती ने उनपर चढ़ाई की और और दृष्टियुद्ध, वागयुद्ध और दंडयुद्ध किया, जिसमें वे हार गए। अंत में भरत ने मुष्ठीप्रहार किया, उससे बाहुबली कमर तक जमीन में घुस गए। उनका…

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चंदनबाला

चंपापुरी में दधिवाहन नामक एक राजा था। उसकी रानी पद्मावती थी, जिसका दूसरा नाम धारिणी था। उसके वसुमति नाम की एक पुत्री थी। 1 दिन कौशांबी के राजा शतानीक ने उस पर चढ़ाई की जिससे डरकर दधिवाहन राजा भाग गया। सैनिकों ने उसके नगर को लूटा और धारणी तथा वसुमति को उठाकर ले गए। अपने शील की रक्षा के लिए…

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अर्णिका-पुत्र आचार्य

उत्तर मथुरा में देवदत्त नामका एक वैश्य रहता था। वह धन कमाने के लिए दक्षिण मथुरा में आया और वहाँ अर्णिका के साथ उसके लग्न हुए। वहां से वापस उत्तर मथुरा में जाते समय अर्णिका ने मार्ग में पुत्रों को जन्म दिया और उसका नाम संधिरण रखा, परंतु जनता में वह अर्णिकापुत्र के नाम से प्रसिद्ध हुए। योग्य आयु में…

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